नोटबंदी के बाद बेनामी प्रॉपर्टी की जांच शुरू काले धन पर सरकार की फिर करारी चोट पॉश इलाकों
और हाईवे प्रॉपर्टी पर सरकार की नज़र|
काले धन के खिलाफ इस कड़ी मे बड़ी कार्रवाई के तहत देश के सभी प्रमुख शहरों के हाईवे के पास की जमीनों की जांच शुरू की जा चुकी है। इसके अलावा देश के प्रमुख शहरों के पॉश इलाको में मौजूद जायदादों की जांच भी की जांच भी की जा रही है.
जांच एजेंसियां कर रही हैं अवैध सौदों की जांच
जांच एजेंसियां काले धन का पता लगाने के लिए ये पता कर रही हैं कि किस के नाम हैं दुकाने और प्लॉट. किसके नाम है बड़े बंगले और औद्योगिक प्लॉट. जांच के दौरान पता चला है कि लुटियन जोन में भी कुछ बंगलों का वास्तविक मालिक कोई और है. जांच के दायरे में रिश्वत और भ्रष्टाचार की रकमों से खरीदे गए कुछ बंगले हैं. एक बंगला जांच बंद करने के नाम पर एक सीए के नाम खरीदा गया. ऐसे सभी मामलों की जांच जारी है. प्रमुख औद्योगिक प्लॉटों और कॉमर्शियल फ्लैटों, दुकानों की जांच की जा रही है.
प्रॉपर्टीज का किया जा रहा है वेरीफिकेशन
सरकार ने तमाम विभागों से सरकारी जमीनों का भी ब्यौरा मांगा है. इसके तहत पता लगाया जा रहा है कि कहां कहां कब्जे हैं लिस्ट तैयार की जा रही है. आयकर विभाग और अन्य विभागों की मदद से इन सब प्रॉपर्टीज का वेरीफिकेशन किया जा रहा है. दो सौ से ज्यादा टीमें इन जगहों का सत्यापन कर रही हैं.
बेनामी ट्रांजेक्शन एक्ट 2016 के तहत होगी कड़ी कार्रवाई
तथ्य जुटाने के बाद इन मामलों में सरकार कार्रवाई करेगी. इन मामलों में दोषी पाए जाने पर बेनामी ट्रांजेक्शन एक्ट 2016 के तहत कार्रवाई होगी. ये एक्ट एक नवबंर से लागू किया जा चुका है. इसके तहत बेनामी संपत्ति जब्त की जा सकती है और सात साल की सज़ा का भी प्रावधान है.





