दुनियाभर में कपास के उत्पादन, खपत, निर्यात और स्टॉक को लेकर अनुमान जारी करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल कॉटन एडवायजरी कमेटी यानि ICAC ने अपनी ताजा रिपोर्ट में 2016-17 के लिए कपास के औसत भाव के अनुमान में कटौती की है साथ में उत्पादन अनुमान बढ़ाया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कपास के स्टॉक में भारी गिरावट आने का अनुमान लगाया है और इस साल भारत से निर्यात में भी भारी गिरावट की आशंका जताई है।
ICAC की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2016-17 के दौरान कॉटलुक इंडेक्स औसतन 73 के करीब रह सकता है, इससे पहले सितंबर में जारी रिपोर्ट में कॉटलुक इंडेक्स 75 के स्तर पर रहने का अनुमान लगाया गया था, यानि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2016-17 में
कॉटन का भाव अब घटाकर औसतन 73 सेंट प्रति पाउंड रहने का अनुमान जारी किया गया है।
वैश्विक स्तर पर उत्पादन अनुमान बढ़ा
ICAC ने अपनी नई रिपोर्ट में 2016-17 के दौरान वैश्विक स्तर पर कपास का उत्पादन 225.4 लाख
टन रहने का अनुमान लगाया है, इससे पहले सितंबर में जारी रिपोर्ट में यह अनुमान 224.5 लाख
टन लगाया गया था, 2015-16 के दौरान वैश्विक स्तर पर 211.9 लाख
टन कपास का उत्पादन हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल अमेरिका में कपास का उत्पादन करीब 25 फीसदी बढ़कर 35 लाख टन रह सकता है जबकि पाकिस्तान में उत्पादन करीब 26 फीसदी बढ़कर 19 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया है। ब्राजील में इस साल उत्पादन करीब 7 फीसदी बढ़कर 14 लाख टन होने का अनुमान है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्टॉक में भारी गिरावट
हालांकि इस साल ICAC ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कपास के स्टॉक में भारी
गिरावट आने का अनुमान भी लगाया है, ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2016-17 के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कपास का स्टॉक करीब 7 फीसदी घटकर सिर्फ 181 लाख टन रह सकता है। 2015-16 के दौरान स्टॉक 193.7 लाख
टन बचने का अनुमान लगाया गया है।
भारत से कपास निर्यात घटने की आशंका
ICAC ने इस साल भारत से कपास निर्यात में भारी गिरावट आने की आशंका जताई है, ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इस साल यानि 2016-17 के दौरान भारत से कपास निर्यात सिर्फ 8.20 लाख टन यानि 48.23 लाख
गांठ (170 किलो) रहने का अनुमान लगाया गया है। कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मुताबिक 2015-16 के दौरान भारत से करीब 68 लाख गांठ कपास का निर्यात हुआ है। हालांकि इस साल बांग्लादेश में कपास आयात करीब 10 फीसदी बढ़कर 12 लाख टन और वियतनाम में करीब 15 फीसदी बढ़कर 11 लाख टन होने का अनुमान है, बांग्लादेश और वियतनाम अपनी जरूरत के लिए या तो भारत से कपास खरीदते हैं या फिर ऑस्ट्रेलिया से, ऐसे में अगर इन दोनो देशों में कपास का आयात बढ़ता है तो इससे भारतीय निर्यात में भी इजाफा हो सकता है।





