कच्चे तेल के उत्पादन को
स्थिर रखने को लेकर ओपेक
देशों के बीच बनी
सहमती के बाद इसकी
कीमतों में एकतरफा तेजी देखने को मिल रही
थी और ऐसा माना
जा रहा था कि भाव
अब 50 डॉलर प्रति बैरल पर ही जाकर
दम लेगा लेकिन इससे पहले ही ईरान की
ओर से बढ़े हुए
निर्यात के आंकड़े जारी
होने की वजह से
तेजी पर कुछ ब्रेक
लगा है।
फिलहाल विदेशी बाजार में कच्चा तेल हल्की नरमी के साथ 48.56 डॉलर
प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, सोमवार को विदेशी बाजार में भाव 49 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया था जो करीब 5 हफ्ते में सबसे ज्यादा भाव है। आज विदेशी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी का असर घरेलू बाजार पर भी दिख सकता है, सोमवार को कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर कच्चा तेल 36 रुपये बढ़कर 3,248 रुपये
प्रति बैरल पर बंद हुआ है।
दरअसल सोमवार शाम को ईरान की ओर से कच्चे तेल के निर्यात को लेकर जारी हुए आंकड़ों की वजह से इसके भाव पर दबाव दिखा है, आंकड़ों के मुताबिक सितंबर के दौरान ईरान से कच्चे तेल का रोजाना निर्यात 28 लाख बैरल दर्ज किया गया है, 2011 में
जब ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगना शुरू हुए थे तो भी रोजाना निर्यात इतना ज्यादा नहीं था। ईरान की ओर से बढ़े हुए निर्यात की वजह से ही कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव आया है।
हालांकि जानकार मान रहे हैं कि कच्चे तेल की कीमतों में जो नरमी आई है वह कुछ समय के लिए है, लंबी अवधि में इसके भाव में फिर से रिकवरी देखने को मिल सकती है और भाव 52 डॉलर प्रति बैरल का स्तर छू सकता है।





