जेनेटिकली मोडिफाइड यानि GM फसलों पर सरकार को
सुझाव देने वाली सरकारी कमेटी जेनेटिकल इंजिनीयरिंग अपरेज़ल कमेटी यानि GEAC ने GM सरसों के सेवन को
सुरक्षित माना है जिसके बाद
पर्यावरण मंत्रालय ने इसकी व्यावसायिक
खेती को शुरू करने
के लिए आम जनता से
सुझाव मांगे हैं।
पर्यावरण मंत्रालय ने GM सरसों पर GEAC की पूरी रिपोर्ट को अपनी वेबसाइट पर डाला हुआ है, रिपोर्ट के मुताबिक GM सरसों का सेवन मनुष्य या जानवरों के लिए सुरक्षित है और इससे पर्यावरण को किसी तरह की हानी की आशंका नहीं है।
GEAC की रिपोर्ट के मुताबिक धारा मस्टर्ड हाइब्रिड 11 (DMH 11) से पर्यावरण या फिर मनुष्य को किसी तरह की हानी होने की आशंका नहीं है और यह पूरी तरह से सुरक्षित है। सरसों की इस किस्म को दिल्ली के वैज्ञानिकों ने तैयार किया है और वह पिछले करीब 10 साल से इसपर लगे हुए हैं।
रिपोर्ट जारी होने के बाद इंडस्ट्री और आम जनता से 5 अक्टूबर तक इसपर सुझाव मांगे गए हैं। अगर सुझाव GM सरसों के पक्ष में आते हैं तो इसकी व्यावसायिक खेती को सरकार की ओर से मंजूरी मिल सकती है, अगर मंजूरी मिलती है तो GM सरसों पहला GM खाद्य उत्पाद होगा जिसकी खेती देश में हो सकेगी। इससे पहले सिर्फ GM कपास की खेती को मंजूरी मिली हुई है।





