खुले
बाजार में गेहूं बेचने के लिए सरकार
की ओपन मार्केट सेल स्कीम यानि OMSS के तहत केंद्रीय
पूल से गेहूं की
बिक्री में कमी आना शुरू हो गई है।
अक्टूबर के चौथे हफ्ते
के मुकाबले नवंबर के पहले हफ्ते
के दौरान इस योजना के
तहत गेहूं की बिक्री करीब
48 फीसदी घटी है।
सोमवार को फूड कार्पोरेशन
ऑफ इंडिया यानि FCI की ओर से
दी गई जानकारी के
मुताबिक नवंबर के पहले हफ्ते
के दौरान OMSS के तहत सिर्फ
76,950 टन गेहूं की बिक्री हो
पायी है, इससे पहले अक्टूबर के चौथे हफ्ते
के दौरान 1.48 लाख टन से ज्यादा
गेहूं की बिक्री हुई
थी। OMSS के तहत गेहूं की बिक्री में आई कमी नवंबर के चौथे हफ्ते में सिर्फ 76950 टन की बिक्री अबतक OMSS के तहत 30.58 लाख टन गेहूं की बिक्री हो चुकी है आगे OMSS के तहत बिक्री में आ सकती है कमी FCI के मुताबिक नवंबर के पहले हफ्ते तक OMSS के तहत सरकारी स्टॉक से गेहूं की कुल बिक्री 30,58,650 टन दर्ज कि गई है जबकि अक्टूबर के चौथे हफ्ते तक यह बिक्री 29,81,700 टन दर्ज की गई थी। फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक पहली अक्टूबर तक केंद्रीय पूल में सिर्फ 213.28 लाख
टन गेहूं बचा हुआ है।
गेहूं की नई फसल अप्रैल में आएगी और सरकार को हर महीने सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानि PDS और दूसरी सरकारी स्कीमों के लिए करीब 20 लाख टन गेहूं की जरूरत होती है, यानि इसके लिए मार्च तक करीब 120 लाख टन गेहूं खपत होगा। इसके अलावा पहली अप्रैल तक सरकारी स्टॉक में 74.6 लाख टन गेहूं का स्टॉक रखना भी जरूरी होता है, यानि करीब 195 लाख टन गेहूं सरकार के पास इस्तेमाल होगा। ऐसे में OMSS के तहत बिक्री के लिए बहुत कम गेहूं बचा है और आगे चलकर OMSS के तहत बिक्री में और कमी आ सकती है।





