कमोडिटी एक्सचेंज NCDEX ने उसके गोदामों
में रखे कपासखल के स्टॉक की
ऑडिटिंग की है और
एक्सचेंज के मुताबिक वेयरहाउसों
में रखा कपासखल कॉन्ट्रेक्ट स्पेसिफिकेशन के मुताबिक ही
है और इसमें राइसब्रान
की मिलावट नहीं है।
NCDEX के मुताबिक एक्सचेंज ने अकोला और कड़ी में स्थित गोदामों में रखे करीब 5,500 टन कपासखल का क्वॉलिटी परीक्षण हैदराबाद की फर्स्ट स्केयर लैब से कराया है और परीक्षण के नतीजों से पता चल रहा है कि एक्सचेंज के गोदामों में रखे कपासखल में प्रोटीन की मात्रा उतनी ही है जितनी वायदा सौदों में निर्धारित की गई है।
एक्सचेंज के मुताबिक दिसंबर 2015 से ही कपासखल की क्वॉलिटी की ऑडिटिंग की जा रही है और अगस्त 2016 तक कुल डिपॉजिट कपासखल का 25 फीसदी से ज्यादा स्टॉक ऑडिट हो चुका है। एक्सचेंज के मुताबिक ऑडिटिंग की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता अपनाई गई है।
एक्सचेंज के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ समीर शाह के मुताबिक एक्सचेंज पर कारोबारियों के भरोसे को बनाए रखना और एक्सचेंज के गोदामों में रखे माल की गुणवत्ता और सुरक्षा बनाए रखना एक्सचेंज की प्राथमिकता है और कारोबारियों के मन से क्वॉलिटी को लेकर संदेह को दूर करने के लिए एक्सचेंज हर संभव कदम उठाएगा।





