OUR NEW WEBSITE IS COMING UP SOON. KEEP VISITING THIS PAGE FOR MORE UPDATES. ----- JOIN OUR WhatsApp BROADCAST LIST, GIVE MISSED CALL ON 08893534646

Thursday, September 22, 2016

गेहूं आयात शुल्क पर वित्तमंत्रालय जल्द ले सकता है फैसला

गेहूं के आयात शुल्क में कटौती होगी या नहीं होगी इसपर वित्तमंत्रालय जल्दी ही फैसला ले सकता है, मार्केट टाइम्स को वित्तमंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है।

दरअसल आयात शुल्क को लेकर कृषि मंत्रालय और उपभोक्ता मंत्रालय आमने-सामने गए हैं। गेहूं की बुआई की सीजन शुरू होने वाला है और ऐसे मौके पर कृषि मंत्रालय आयात शुल्क को घटाने के पक्ष में नहीं है, कृषि मंत्रालय का तर्क है कि आयात शुल्क घटने की वजह से गेहूं की कीमतों में कमी आएगी जिससे किसानों के बीच खराब संकेत जाएगा और वह बुआई को कम कर सकते हैं।

वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता मंत्रालय का तर्क है कि गेहूं की कीमतों में तेजी बनी हुई है और घरेलू मार्केट में सप्लाई बढ़ाने के लिए अगर आयात शुल्क नहीं घटाया गया तो गेहूं के भाव और बढ़ सकते हैं जिससे उपभोक्ताओं पर मार पड़ेगी।

अब आयात शुल्क में कटौती होगी या नहीं होगी इसपर अंतिम फैसला वित्तमंत्रालय को करना है, फिलहाल गेहूं के आयात पर 25 फीसदी का आयात शुल्क लगता है। हालांकि ज्यादा आयात शुल्क होने के बावजूद आटा मिलें विदेशों से गेहूं आयात कर रही हैं क्योंकि विदेशी बाजार में गेहूं का भाव करीब 10 साल के निचले स्तर तक लुढ़क गया है।

देश में बीते दो सीजन के दौरान गेहूं की पैदावार में गिरावट देखने को मिली है जिस वजह से देश में गेहूं आयात की नौबत आई है, सरकारी स्टॉक में जितना गेहूं है उससे पीडीएस की जरूरत पूरी हो जाएगी साथ में सरकार 74 लाख टन स्टॉक बचाकर रखना भी पड़ेगा। ऐसे में खुले बाजार में बेचने के लिए सरकार के पास उतना गेहूं नहीं है जितना बेचने का लक्ष्य रखा गया है।