दुनियाभर में कपास के भाव, खपत,
उत्पादन, आयात और निर्यात को
लेकर अनुमान जारी करने वाली संस्था इंटरनेशनल कॉटन एडवायजरी कमेटी यानि ICAC ने अक्टूबर से
शुरू हो रहे कपास
वर्ष 2016-17 के दौरान भारत
से कपास निर्यात में करीब 32 फीसदी की गिरावट आने
की आशंका जताई है।
ICAC की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2016-17 के दौरान भारत में कपास का उत्पादन कम होने के साथ खपत बढ़ने की उम्मीद है जिस वजह से कपास का निर्यात घटकर सिर्फ 8.46 लाख टन यानि 49.76 लाख
गांठ (1 गांठ = 170 किलो) होने का अनुमान है। ICAC के मुताबिक सितंबर में खत्म हो रहे मौजूदा कपास वर्ष 2015-16 के दौरान भारत से करीब 73 लाख गांठ कपास निर्यात होने का अनुमान है।
ICAC की रिपोर्ट के मुताबिक 2016-17 के दौरान बांग्लादेश अन्य सभी कपास आयातक देशों को पछाड़कर सबसे बड़ा कपास आयातक बनकर उभरेगा, बांग्लादेश के बाद कपास आयात में दूसरा स्थान वियतनाम का रह सकता है और दो साल पहले तक दुनियाभर में सबसे बड़े कपास आयातक का स्थान 2016-17 में
तीसरे नंबर पर खिसकने का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक 2016-17 में
बांग्लादेश का कपास आयात 12 फीसदी बढ़कर 12 लाख टन तक पहुंच सकता है जबकि वियतनाम का आयात भी 12 फीसदी बढ़कर 11 लाख टन तक पहुंच सकता है, चीन के आयात में भी करीब 20,000 टन की बढ़ोतरी अनुमानित है लेकिन उसका आयात 9.8 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है।





