दुनियाभर में सरसों के सबसे बड़े
उत्पादक देश कनाडा ने 2015-16 के लिए सरसों
की पैदावार के अनुमान में
करीब 11.5 लाख टन की जोरदार
बढ़ोतरी की है जिससे
विदेशी बाजार में सरसों के भाव पर
दबाव आने की आशंका जताई
जा रही है और इसका
असर घरेलू बाजार पर भी दिख
सकता है।
महज हफ्तेभर में ही उत्पादन अनुमान में भारी बदलाव किया गया है।
AAFC की ताजा रिपोर्ट को आधार मानें तो 2014-15 के मुकाबले 2015-16 के दौरान कनाडा में सरसों का उत्पादन करीब 19 लाख टन ज्यादा हुआ है, 2014-15 के दौरान वहां पर 164.10 लाख
टन स रसों का उत्पादन हुआ था। अगस्त से शुरू हुए मौजूदा फसल वर्ष 2016-17 के दौरान वहां पर 170.24 लाख
टन सरसों पैदा होने का अनुमान है।
कनाडा में ज्यादा पैदावार के अनुमान से विदेशी बाजार में सरसों के भाव पर पहले ही दबाव बना हुआ है और घरेलू बाजार में भी सरसों की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। गुरुवार को भी कमोडिटी एक्सचेंज NCDEX पर सभी वायदा सौदों के लिए सरसों की कीमतों में 50 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है, सितंबर वायदा घटकर 4,600 रुपये
प्रति क्विंटल से नीचे खिसक गया है।






