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Thursday, June 23, 2016

पाकिस्तानी मिलों ने भारत को कपास निर्यात पर रोक लगाने की मांग की, भारतीय कारोबारियों ने किया विरोध



पाकिस्तान का दोगला चरित्र सिके राजनीतिक और कूटनीतिक विषयों पर ही देखने को नहीं मिलता है बल्कि व्यापारिक गतिविधियों में भी वह दोगला चरित्र दशत्यि है । कपास करोबार को लेकर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र मामने जाया है ।





भारत में कॉटन इंडरट्री के संगठन कॉटन एसोसिएशन अरेंफ हंडिया यानि सीएआईं के मुताबिक कुछ मीडिया रिपोर्टस में ऐसी खबरें आ रही है कि पाकिस्तान के कारोबारियों ने भारत को कपास नियति पर पूरो तरह से रोक लगाने की मांग की है। एसोसिएशन के मुताबिक अगर यह मीडिया रिपोर्ट सहीं है और रोक लगती है तो यह पूरी तरह से सिद्धांतों के खिलाफ होगा ।

एसोसिएशन के मुताबिक इस सात पाकिस्तान में कयास की कम पैदावार हुई थी और उसने अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए भारत से करीब 10 लाख गांठ कपास का आयात जिया । पाकिस्तान को ज्यादा नियति होने की बजह से भारतीय बाजार कपास की कीमतों में इलाका देखने को मिता अब भारतीय बाजार में कपास का माल ज्यादा बढ़ चुका है और कुछ भारतीय आयातक बहुत सीमित मावा में पाकिस्तान से व्यास आयात काना चाहते हैं लेकिन पाकिस्तान की कॉटन मिलें आंल पाकिस्तान टेक्सटाइल मित्स एसोसिएशन के बैनर ताते इसका विरोध कर रही है ।

कॉटन एसोसिएन अफि हंडिया के मुताबिक उनका संगठन पाकिस्तानी मिल के इस बर्ताव का विरोध करता है । एसोसिएशन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि भारत भी पाकिस्तान की तरह रवैया उठाता है तो समझने की जरूरत नहीं होगी कि दोनो देशों के कॉटन और टेक्सटाइल सेक्टर की क्या हालत होगी ।


सोर्स :- markettimes 


























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