मार्केट टाइम्स को मिले कॉटन एसोसिएशन की ओर से जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस साल देश में कपास का कुल उत्पादन 341 लाख गांठ होने का अनुमान है, इससे पहले सितंबर अंत में एसोसिएशन ने जब उत्पादन का अनुमान जारी किया था तो 2016-17 के दौरान 336 लाख गांठ कपास उत्पादन का अनुमान लगाया था।
CAI के मुताबिक इस साल पंजाब में 9.50 लाख गांठ, हरियाणा में 20 लाख गांठ और राजस्थान में 17.50 लाख
गांठ कपास पैदा होने का अनुमान है, कुल मिलाकर उत्तरी जोन में 47 लाख गांठ कपास पैदा होने का अनुमान लगाया गया है, सितंबर अंत में उत्तरी जोन में 43 लाख गांठ कपास उत्पादन का अनुमान लगाया गया था।
कपास के सबसे बड़े उत्पादक जोन मध्य जोन की बात करें तो ताजा रिपोर्ट में वहां पर कुल 198.5 लाख
गांठ उत्पादन का अनुमान है जिसमें 92.50 लाख
गांठ गुजरात में, 86 लाख गांठ महाराष्ट्र में और 20 लाख गांठ उत्पादन मध्य प्रदेश में होने का अनुमान है। इससे पहले सितंबर अंत में गुजरात में 88 लाख गांठ, महाराष्ट्र में 87 लाख गांठ और मध्य प्रदेश में 20 लाख गांठ उत्पादन का अनुमान था। सितंबर में मध्य जोन में कुल 195 लाख गांठ कपास उत्पादन का अनुमान लगाया गया था।
CAI ने हालांकि दक्षिण जोन में कपास उत्पादन अनुमान को घटाकर 89.50 लाख
गांठ किया है जिसमें 47 लाख गांठ तेलंगाना में, 18 लाख गांठ आंध्र प्रदेश में, 19 लाख गांठ कर्नाटक में और 5.50 लाख गांठ तमिलनाडू में पैदा होने का अनुमान है। सितंबर अंत में दक्षिणी जोन में 92 लाख गांठ कपास पैदा होने का अनुमान लगाया गया था।
पिछले साल यानि 2015-16 के दौरान उत्तरी जोन में 40.50 लाख
गांठ, मध्य जोन में 184.75 लाख
गांठ और दक्षिणी जोन में 107.50 लाख
गांठ कपास का उत्पादन हुआ था।
CAI ने अपनी ताजा रिपोर्ट में 2016-17 के लिए कपास की खपत के अनुमान में भी 19 लाख गांठ की कटौती की है और कुल खपत 290 लाख गांठ होने का अनुमान लगाय है, सितंबर अंत में 309 लाख गांठ कपास खपत का अनुमान था। पिछले साल यानि 2015-16 के दौरान देश में 312 लाख गांठ कपास की खपत हुई थी और निर्यात करीब 72 लाख गांठ का हुआ था।





