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Wednesday, November 2, 2016

चना: नैफेड की बिक्री बढ़ने से इस हफ्ते 10% घटा भाव, ऑस्ट्रेलियाई माल इस हफ्ते पहुंचने की उम्मीद





नेशनल एग्रीकल्चर मार्केटिंग फेडरेशन यानि नैफेड की ओर से चने की बिकवाली में हुई बढ़ोतरी और ऑस्ट्रेलियाई चने की आवक शुरू होने की उम्मीद से हाजिर बाजार में चने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है, पिछले हफ्ते के मुकाबले इस हफ्ते दिल्ली में चने का भाव करीब 10 फीसदी तक घट चुका है, पिछले हफ्ते दिल्ली में चना 10,500 रुपये प्रति क्विंटल पर बिक रहा था लेकिन बुधवार को इसका भाव घटकर 9,500 रुपये प्रति क्विंटल के नीचे दर्ज किया गया है।




नैफेड ने शुक्रवार से ही कमोडिटी एक्सचेंज NCDEX के प्लेटफॉर्म के जरिए चने की बिक्री शुरू की है, सूत्रों के मुताबिक नैफेड NCDEX के जरिए करीब 10,000 टन चना बेचने जा रहा है जिसमें से मंगलवार तक करीब 6,000 टन चने की बिक्री हो चुकी है। नैफेड के अलावा आने वाले दिनों में स्माल फारमर्स एग्री बिजनेस कॉन्सोर्टियम यानि SFAC भी आने वाले दिनों में करीब 7,000 टन चने की बिक्री NCDEX के प्लेटफार्म के जरिए करने जा रहा है। सरकारी एजेंसियों की ओर से चने की बिक्री में हुई बढ़ोतरी की वजह से ही चने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है।

इसके अलावा ऑस्ट्रेलियाई चने की आवक में इस हफ्ते इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। मुंबई के कारोबारी सूत्रों के मुताबिक इस हफ्ते करीब 8,000 टन ऑस्ट्रेलियाई चना मुंबई पोर्ट पर दस्तक दे सकता है।
इस साल देश में चने का भाव ज्यादा होने की वजह से चने की बुआई में इजाफा होने की उम्मीद भी जताई जा रही है, अहम चना उत्पादक राज्य राजस्थान में चने की खेती में जोरदार इजाफा देखने को मिल रहा है। 

आंकड़ों के मुताबिक 24 अक्टूबर तक राज्य में 3.05 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है जबकि पिछले साल इस दौरान राजस्थान में सिर्फ 49,700 हेक्टेयर में ही चने की खेती हो पायी थी। राज्य के कृषि विभाग ने इस साल पूरे सीजन में 16.80 लाख हेक्टेयर में चने की खेती का लक्ष्य रखा हुआ है, यानि 24 अक्टूबर तक बुआई का लक्ष्य 18 फीसदी से ज्यादा पूरा हो चुका है। इस साल जिस रफ्तार से राज्य में चने की खेती हो रही है उसे देखते हुए लग रहा है कि चने का रकबा 18 लाख हेक्टेयर को पार कर सकता है।