देश में पाम ऑयल की बड़ी मात्रा
में आयात करने वाली कंपनी रुची सोया ने अरुणाचल प्रदेश
सरकार के साथ पाम
ऑयल की खेती के
लिए MOU साइन किया है। इस करार के
तहत कंपनी को अरुणाचल प्रदेश
के 5 जिलों में 45,000 हेक्टेयर में पाम ऑयल की खेती की
इजाजत मिली है और कंपनी
शुरुआत में करीब 25,000 हेक्टेयर में खेती करने जा रही है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश सहारा के मुताबिक किसानों को बेहतर तकनीक दिलाकर कंपनी उनकी आय को दोगुना करने का प्रयास कर रही है और इसी दिशा में यह कदम उठाया गया है। राज्य के कृषि सचिव तलेम तापोक के मुताबिक रुचि सोया पाम की नर्सरी तैयार करके किसानों में पाम की खेती को प्रोत्साहित कर रही है जो कि एक सराहनीय कदम है।
गौरतलब है कि देश में खपत होने वाले कुल खाद्य तेल का करीब 65-70 फीसदी
हिस्सा आयात होता है और आयात होने वाले खाद्य तेल में 60 फीसदी से ज्यादा पाम ऑयल की हिस्सेदारी होती है। ऐसे में घरेलू स्तर पर पाम ऑयल का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं ताकि वनस्पति तेल की जरूरत को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भरता को कम किया जा सके।





