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Wednesday, September 7, 2016

सोयाबीन और मूंगफली की ज्यादा पैदावार की संभावना से सरसों में गिरावट

खरीफ सीजन में पैदा होने वाले तिलहन की पैदावार में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए बुधवार को कमोडिटी एक्सचेंज एनसीडीईएक्स पर पूरे तेल और तिलहन वायदा में भारी गिरावट देखी जा रही है, सरसों का भाव करीब 75 रुपये घट चुका है, सोयाबीन में करीब एक फीसदी की गिरावट है और सोया तेल में भी लाल निशान के साथ कारोबार हो रहा है।

फिलहाल सितंबर वायदा के लिए सरसों का भाव 4,660 रुपये, अक्टूबर वायदा के लिए सोयाबीन का भाव 3,230 रुपये और सितंबर वायदा के लिए सोया तेल का भाव 646 रुपये प्रति क्विंटल के करीब चल रहा है।

देश में इस साल खरीफ तिलहन की पैदावार में जोरदार इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। खरीफ सीजन में तिलहन के दो बड़े उत्पादक राज्य गुजरात और राजस्थान ने 2016-17 के लिए पहले अग्रिम अनुमान जारी कर दिए हैं जिसकी वजह से पूरे तिलहन वायदा में गिरावट देखी जा रही है।

गुजरात की बात करें तो गुजरात में इस साल सोयाबीन उत्पादन करीब 81 फीसदी बढ़कर 98,000 टन होने का अनुमान है जबकि मूंगफली उत्पादन 76 फीसदी बढ़कर 35.96 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है।
राजस्थान की बात करें तो राजस्थान में इस साल सोयाबीन उत्पादन 51 फीसदी बढ़कर 12,17,781 टन होने का अनुमान है जबकि मूंगफली उत्पादन 11 फीसदी बढ़कर 11,65,635 टन हने का अनुमान लगाया गया है वहीं तिल उत्पादन 1,62,237 टन होने का अनुमान, 2015-16 में तिल का उत्पादन 1,15,310 टन का उत्पादन हुआ।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय इस हफ्ते या फिर अगले हफ्ते खरीफ फसलों के लिए अपना पहला अग्रिम अनुमान जारी कर देगा। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल खरीफ तिलहन की पैदावार में जोरदार इजाफे का अनुमान जारी हो सकता है क्योंकि देश में तिलहन की बुआई अच्छी हुई है। 2 सितंबर तक देशभर में तिलहन का कुल रकबा करीब 180 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है।