ग्वारसीड की कम बुआई और मौसम फसल के विपरीत होने की वजह से देश के तीन बड़े ग्वारसीड उत्पादक राज्यों यानि राजस्थान, हरियाणा और गुजरात में इस साल ग्वारसीड की पैदावार पिछले साल के मुकाबले कम होने का अनुमान जारी किया गया है।
इन तीनों राज्यों में इस साल के मुकाबले पिछले साल ज्यादा ग्वारसीड पैदा हुआ था, राजस्थान में पिछले साल यानि 2014-15 के दान 22.23 लाख टन, हरियाणा में 2.83 लाख टन और गुजरात में 1.86 लाख टन ग्वारसीड का उत्पादन हुआ था। यानि तीनों राज्यों के उत्पादन को मिलाकर देखें तो पिछल साल करीब 26.72 लाख
टन ग्वारसीड का उत्पादन हुआ था।
यानि 2016-17 के लिए पहले अग्रिम अनुमान के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस साल कुल ग्वारसीड उत्पादन करीब 16 फीसदी कम रहने की संभावना है। हालांकि राजस्थान के प्रमुख ग्वार उत्पादक राज्यों में सितंबर शुरुआत से ही बरसात नहीं हुई है और ऐसा ही हालात अगर अगले 5-6 दिन रहता है तो राज्यों में ग्वार की खेती को भारी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में राजस्थान में ग्वार की पैदावार के अनुमान में आगे चलकर और कटौती हो सकती है, हरियाणा और गुजरात में भी मौसम अनुकूल नहीं है ऐसे में इन राज्यों में भी आगे चलकर ग्वार की पैदावार का अनुमान घट सकता है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट को देखें तो गुरुवार तक पश्चिमी राजस्थान में जरा भी बरसात की संभावना नहीं है। हरियाणा और गुजरात में थोड़ी बहुत बारिश की संभावना जरूर है लेकिन वह बरसात ग्वार की खेती को फायदा पहुंचाने लायक नहीं होगी, ऐसे में पैदावार घटने की आशंका बढ़ गई है।





