पूर्वी और दक्षिणा भारत में मानसून को लेकर बिता भले ही खत्म हो गई हो लेकिन उत्तर और पश्चिम भारत में बिता अब भी बाजार है । उत्तर ‘भारत के दरवाजे तक पहुंचकर मानसून एक बार जिर से थम सा गया है और अगले कुछ दिनों तक इसके आगे यहाँ की बाम उम्मीद है ।
भारतीय मौसम विभाग के मौसम वैज्ञानिक बी पी यादव के मुताबिक मानसून कुछ कमजोर पड़ा है और अगले कुछ दिनों तक इसके आगे यहाँ की कम उम्मीद है । बी पी यादव के मुताबिक बंगाल की खाडी से उठने बाली हवाएं जागे चलकर मानसून को बढने में मदद कर सकती हैँ। हालांकि बहुत कुछ हवाओं की ताकत. गति और दिशा पर निर्भर कस्ता है । पूर्वी उत्तर प्रदेषा में मानसून 19 जून को दाखिल हो गया था और लगभग घूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश को कबर कर चुका है ।
मौसम का आख्यान करने वाली निजी संस्था यज्ञाइष्टिट के मौसम वैज्ञानिक महेप्रा पताबत के मुताबिक फिलहाल मानसून ने जिन इलाकों में दस्तक दी है 28 जून तक उन्हीं इलाकों तक सीमित रहने का अनुमान है. 28 जून के बाद इसके जागे यहाँ की उम्मीद जताई जा रही है । महेश के मुताबिक अभी राजस्थान और गुजरात के पश्चिमी हिस्सों में 19 जून तक मानसूनी बरसात की उम्मीद कम नजर आ रही है । इन क्षेत्रों में मानसून में थोडी देरी हो सकती है ।
21 जून तक 21% कम बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की देरी की बजह से जून के दौरान अबतक सामान्य के मुकाबले 11 फीसदी कम बरसात हुई है. पाली जून से लेकर 21 जून तक देशभर में औसतन 77 मिलीमीटर मारिया दर्ज की गई है जबकि समय तौर पर इस दौरान 96. 9 मिलीमीटर बरसात हो जाती है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तस्मश्चिम भारत में बारिश की कमी कुछ हद तक कम हुई है. पाली जून से 11 जून तक उत्तर-पहिया भारत में 3 2 . 3 मिलीमीटर बरसात हुई है जबकि सामान्य तीर पर इस दोरान 3 5 . 3 मिलीमीटर बरसात हो जाती है ।
सोर्स :- markettimes
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