वित्तवर्ष 20, 6-3 7 मसालों के नियति के लिए बेहतर साबित होता दिख रहा है, अप्रैल के दौरान मसातों का नियति करीब 7 फीसदी यहाँ के बाद अब मई में भी देश से मसालों के नियति में जोरदार इलाका जिने को मिला है ।
वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकडों के मुताबिक मई के दोरान देश से 1.686.90 करोड़ रुपये के मसालों का नियति हुआ है जबकि पिछले साल मई के दौरान देश सै 1.44441 करोड़ रुपये के मसालों का नियति हुआ था । यानि इस साल मई के दोरान मसालों के नियति में करीब 17 फीसदी की मारी बढोतरी देखने को मिली है।
नियति में इजाफा सिके पिछले साल के मुकाबले ही नहीं हुआ है बल्कि अप्रैल के मुकाबले भई मई में ज्यादा मसालों का नियति जिया गया है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक अप्रैल के दौरान देश से 1547. 10 करोड़ रुपये के मसाले नियति हुए थे । यानि अप्रैल के मुकाबले भई में नियति 9 फीसदी से ज्यादा बहा है । माता के लिहाज से मसाला नियति के आंकडे स्पाइसैज बोर्ड आँफ इंडिया जारी जरिया लेकिन स्पाइसेज बोर्ड के पास फिलहाल सिके दिसंबर 1015 तक के ही नियति आकडे हैं ।
सोर्स :- markettimes






